Day: January 13, 2019

संकल्प में सहायक मकर संक्रान्ति

तन-मन को मजबूत करने वाला

महापर्व मकर संक्रांति,

जाने7 सात कारण

सूर्य एक राशि में एक माह रहते हैं और यह हर महीने राशि बदलते हैं। सूर्य का एक राशि से दूसरे राशि में जाना संक्रमणकाल या संक्रांति कहलाती है।
संक्रांति का अर्थ है –
प्रकृति में परिवर्तन का समय।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर राशि बारह राशियों में दसवीं राशि होती है। सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं, उसे उस राशि की संक्रांति माना जाता है। उदाहरण के लिए यदि सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं तो मेष संक्रांति कहलाती है, धनु में प्रवेश करते हैं तो धनु संक्रांति कहलाती और हर साल
14 या 15 जनवरी को सूर्य मकर में प्रवेश करते हैं, तो इसे मकर संक्रांति के रूप में जाना जाता है।

क्या है सूर्य का उत्तरायण होना —

इस दिन सूर्य पृथ्वी की परिक्रमा करने की दिशा बदलता है, थोड़ा उत्तर की ओर ढलता जाता है। इसलिए इस काल को उत्तरायण भी कहते हैं।

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