ब्राम्ही के गुण एवं उपयोग

ब्राम्ही के गुण, उपयोगः-
————————— पहले समय मतिभ्रम, उन्माद, हीनभावना, चिंता, भय, तनाव मिटाने हेतु ब्राम्ही के रस का उपयोग किया जाता था। भावप्रकाश निघण्ठु, गावों में औषध रत्न, वनौषधि चन्द्रोदय, निघण्ठु आदर्श आदि आयुर्वेदिक ग्रन्थों भाषयों में ब्राम्ही का विस्तार से वर्णन है।

ब्राम्ही विशेषतः मस्तिषक रोग, वातनाड़ी विकृति, अपस्मार, उन्माद, क्रोध, मानसिक थकावट, याददाशत की कमी, स्मृतिनाश। मस्तिषक व वात नाड़ियों की विकृति से उत्पन्न चिरकारी (पुराने) रोगो का नाश करने हेतु चमत्कारी अमृतम् बूटी है। पुराने से पुराना जीर्ण उन्माद, बार-बार भूलना, चक्कर आना, माइग्रेन लगातार सिरदर्द, मानस वेदना, रक्त विकार, त्वचा रोग,स्वर भंग, गले की खराबी, हिचकी, ज्वर और नेत्रो की सूजन को दूर करती है।
डॉक्टर के. सी. बोस के अनुसार ब्राम्ही ब्रेन की कोषकाओं को रिचार्ज करती है। जिससे ब्रेनहेमरेज, पागलपन और हृदयघात से बचा जा सकता है।
अमृतम् प्रयासः-
अमृतम् फार्मास्यिटिकल्स ग्वालियर द्वारा ब्राम्ही, शंखपुष्पी, जटामासी,
तथा स्मृतिसागर रस आदि के मिश्रण से ब्रेनकी गोल्ड माल्ट एवं टेबलेट का निर्माण किया है।
यह अदभुत असरकारक योग है। जो अनेक ज्ञात-अज्ञात मानसिक रोगो का नाश करता है ।
Brain key माल्ट
एवं
Brainkey टेबलेट
का सेवन सभी उम्र के बच्चे, बड़े- बुजुर्ग तथा स्त्रियों के लिए चमत्कारी है। इसका नियमित सेवन अनेक दिमागी वेदनाओं को भेद देता है।
समय पर नींद लाना, चिंता-तनाव मुक्त रखना, याददाशत बढ़ाना क्रोध, चिड़चिड़ापन मिटाना, इसकी विशेषता है।
अतः बल- विवेक बुद्धि वृद्धिकारक ब्रेन की माल्ट एवं टेबलेट का जीवन भर उपयोग कर जीवन को सुखपूर्वक
परम प्रसन्नता से बिताया जा सकता है। ताउम्र इसके सेवन से अनेक जटिल
असाध्य मानसिक व शारीरिक रोगों की रोकथाम की
जा सकती है।

अमृतम रीडर बनने के लिए धन्यवाद्

हमें ईमेल करे  [email protected] पर अपने सवालो के साथ

|| अमृतम ||

Tagged , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0
Amrutam Basket
Your cart is empty.
X