Category: Ayurvedic Treatment

Arthritis Orthokey Gold Malt11

शरीर में बार-बार होने वाले सुन्नपन, झुनझुनाहट से हो सकता है भारी नुकसान और वातरोग/अर्थराइटिस

हाथ पैरों में सुन्नपन, अकड़न आना वात-विकार/अर्थराइटिस के लक्षण हैं।

आइए जानें कैसे ?
अकसर बहुत समय तक जब आप कभी एक ही अवस्था में बैठे रहते हो, तो आपके हाथ और पैर अकड़ से जाते हैं। सुन्नं पड़ जाते हैं, इसका दुष्प्रभाव यह होता है कि कभी कोई भी चीज़ को छूने या स्पर्श का एहसास नहीं होता।यही नहीं, इसके अलावा
शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द, कमजोरी या ऐठन सी मालूम पड़ती है। नवीन वेज्ञानिक खोजों/शोधों से ज्ञात हुआ है कि दुनिया में लगभग 28 फीसदी लोग सुन्नपन के इस अनुभव का शिकार जरूर होते हैं।

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Amrutam Gold Malt

हरड़ मुरब्बे के फायदे

पहला सुख-निरोगी काया स्वस्थ,दीर्घायु और समृद्ध जीवन के लिए मानसिक (बौद्धिक) विकास से ज्यादा पूर्ण शारीरिक विकास पहली प्राथमिकता है और यह आयुर्वेदिक दवाइयों के सेवन करने से तथा प्राकृतिक वातावरण के साथ रहकर ही सम्भव है। बीमार जनरेशन का निर्माण-  हम भविष्य के लिए ऐसी पीढ़ी/जनरेशन का निर्माण कर रहे है जो जवानी की […]

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 लिवर की समस्या और समाधान | Natural Liver Care

 लिवर की समस्या और समाधान

यकृत (लिवर) शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। लिवर शरीर का सबसे बड़ा भाग अर्थात अंग होता है। यदि यकृत में किसी भी तरह  का संक्रमण (इंफेक्‍शन) या लिवर में खराबी आ जाती है तो, शरीर में कई प्रकार के ज्ञात-अज्ञात विकार के उत्पन्न हो जाते हैं। अनेक दुष्प्रभाव दिखने लगते हैं।

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Vyadhi

अब जानिए “व्याधि” क्या है?

पिछले का शेष 
पूर्व के लेख में “आधि” के बारे में बताया था।

2- अब जानिए “व्याधि” क्या है? –

व्याधि का अर्थ है शारीरिक कष्ट

 मस्तिष्क को छोड़कर अन्य सभी तन व
शरीर के रोगों को व्याधि कहते हैं ।

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Kuntal Care Malt

बालों को बचाने के लिये – 4 उपाय, 4 दवाएँ

बालों की केयर और हेयर फॉल कम करेंगे ये- “4 उपाय, 4  दवाएँ”

मजबूत बालों के लिए-
आयुर्वेद नियमों के अनुसार कब लगाना चाहिए बालों में तेल-
और जाने-

(अदभुत “22” जानकारी इस लेख में)

बालों की देखभाल बच्चों की तरह करना आवश्यक है,तभी बाल स्वस्थ्य,सुन्दर और मजबूत बने रह सकते हैं। बालों की सुरक्षा के लिये हमें प्राचीन परम्पराओं की तरफ लौटना जरूरी है। दादा-दादी,नाना-नानी के नुस्खे, आयुर्वेद योग,
त्रिफला,
भृङ्गराज,
शिकाकाई,
बालछड़
आदि जड़ीबूटियों का तेल तथा देशी काढ़ा बालों को टूटने,झड़ने से बचाने के लिए बहुत

उपयोगी और लाभकारी चिकित्सा है। Read more

Tension free brainkey gold malt

डिप्रेशन (अवसाद) के लक्षण, कारण, इलाज, दवा | Depression, it’s symptoms, causes and natural treatment

डिप्रेशन के इम्प्रेसन से बचने के लिए 
इस ब्लॉग को पूरा अवश्य पढ़ें——–
इस बदलते दौर में,हर पल बदलती दुनिया से दुखी होकर किसी भावुक शायर ने खुदा से प्रार्थना की है कि-
एक दिमाग वाला दिल,
मुझे भी दे दे ए खुदा…
ये दिल वाला दिल,        
सिर्फ तकलीफ़ ही देता है…

अवसाद (डिप्रेशन) क्या है?..……

डिप्रेशन भय-भ्रम को वास्तविक बनाता है
 यह  दिमाग में होने वाला एक रासायनिक
असंतुलन है जो छलकर भ्रमित करता है।
डिप्रेशन थायराइड (ग्रंथिशोथ) जैसे रोग एवं 88 प्रकार के वात-विकारों का जन्मदाता है।

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वर्षा ऋतु के बाद की “बीमारियों से बचें” | Changing Seasons & Health

बदलता मौसम में हर कोई अनेक  बीमारियों

से परेशान रहता है।

सुबह-रात सर्दी,दिन में भयंकर गर्मी से वात, कफ,पित्त
यानि त्रिदोष विषम हो जाता है। 

बरसात के बाद कि करामात-

 बरसात के बाद की ऋतु शरीर में अनेक रोग उत्पन्न करती है। सर्दी,खाँसी,जुकाम,निमोनिया,हाथ-पैर और शरीर में टूटन, ज्वर, मलेरिया, बुखार,डेंगू, चिकिनगुनिया,
कब्ज, और अनेकों वात रोग शरीर के इम्यून सिस्टम को
कमजोर कर देते हैं।

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Curd

रात्रि में दही खाना बहुत हानिकारक है क्यों? Why you should not be eating curd in the night

  ।।अमृतम ज्ञान।।

रात्रि में दही खाना बहुत हानिकारक है क्यों? Why you should not be eating curd in the night?

यह 91 प्रकार के रोग 
उत्पन्न करता है
जानिए अमृतम के इस लेख में

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Lozenge Malt

कहीं आप गले के इन 21 रोगों से पीड़ित तो नहीं हैं ? | सर्दी-खाँसी,जुकाम

सर्दी-खाँसी को गले की फाँसी कहा गया है कैसे मुक्ति पाएं -गले के 21 रोगों से कहीं आप गले के  इन 21 रोगों से पीड़ित,तो नहीं हैं। यह त्रिदोष में से एक “कफ रोग” के अंदरूनी रूप से होने से होता है। ध्यान दें यदि आपके फेफड़े कमजोर हैं,तो निम्न रोग परेशान कर सकते हैं। […]

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Zeo Malt Acidity Amrutam

अमृतम आयुर्वेद ग्रंथों के अनुसार- ये 40 कारण है मलेरिया औऱ डेंगू फीवर होने के

अमृतम आयुर्वेदिक शास्त्रों का मानना है कि रोग
2 या 4 दिन में उत्पन्न नहीं होते। लगातार जीवनीय शक्ति व रोगप्रतिरोधक क्षमता की कमी,त्रिदोष अर्थात वात,पित्त,कफ के बिगड़ जाने से ज्वर,मलेरिया,डेंगू जैसे इस तरह के रोग/फीवर जैसी व्याधियों उत्पन्न हो जाती हैं। जिन्हें देशी आयुर्वेदिक दवाओं द्वारा काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

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amrutam Brainkey Gold Malt

क्या होता है डिप्रेशन ? Depression & Ayurveda

क्या होता है डिप्रेशन ? Depression & Ayurveda

डिप्रेशन (अवसाद) नई जनरेशन के लिए अत्यंत खतरनाक मानसिक बीमारी है।।                                                 डिप्रेशन के इम्प्रेसन से बचने के लिए इस ब्लॉग को पूरा अवश्य पढ़ें——–                                                         

किसी

शायर ने खुदा से प्रार्थना की है कि-
एक दिमाग वाला दिल,
मुझे भी दे दे ए खुदा…
ये दिल वाला दिल,

सिर्फ तकलीफ़ ही देता है… Read more

amrutam Brainkey Gold Malt

क्या आप दिमाग में तेज़ी लाना चाहते हो ? Ayurvedic Medicine for your Brain Power

दिमाग करें, तेज़-तेज़ी से Ayurvedic Medicine for your Brain Power

बुद्धि की अभिवृद्धि हेतु विलक्षण
एक असरदार आयुर्वेदिक योग

ब्रेन की गोल्ड माल्ट

(ब्राह्मी,शंखपुष्पी, बादाम,मुरब्बा युक्त)
निगेटिव सोच से उत्पन्न ‘अशान्ति का 
अन्त” करने वाली एक हर्बल मेडिसिन

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Brainkey Gold Malt to build your mental immunity

अवसाद की आहट-और आयुर्वेद | Depression and Ayurveda

अवसाद की आहट-और आयुर्वेद | Depression and Ayurveda

अब,अवसाद का अन्त…तुरन्त

“डिप्रेशन से डरें नहीं”
अवसाद की आयुर्वेदिक दवा
 
करे…डिप्रेशन का ऑपरेशन
(मस्तिष्क में जागरूकता बढ़ाये)

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डिप्रेशन” का “ऑपरेशन | Brainkey Gold Malt

करें– “डिप्रेशन” का “ऑपरेशन” | Brainkey Gold Malt ब्रेन की गोल्ड से होगा ■■■ अशान्ति का अन्त  ……■■■…. व्यक्तित्व पर चेतना का प्रभुत्व बढ़ाती हैं-अमृतम ओषधियाँ ब्रेन की गोल्ड माल्ट  और ब्रेन की गोल्ड टेबलेट से तन औऱ मन उत्तरोत्तर शुद्ध होते जाते हैं। 3 माह तक नियमित सेवन करने से यह बिचलित,भटकते एवं मलिन […]

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amrutam Brainkey Gold Malt

कैसे करें दिमाग में शांति की स्थापना | How to calm your mind ?

कैसे करें दिमाग में शांति की स्थापना | How to calm your mind ?

केवल पढ़ने वाले बच्चों, विद्यार्थियों,
स्टूडेंट के लिए महत्वपूर्ण
शार्प माइंड (sharp mind) बनाने
हेतु एक असरदार आयुर्वेदिक योग
और
मानसिक शांति हेतु 24 कैरेट गोल्ड
प्योर हर्बल मेडिसिन फार्मूला है।

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Fight Depression & Anxiety with Natural Ayurvedic Herbs

मानसिक तनाव से लड़े आयुर्वेदा के संग | Fight Depression & Anxiety with Natural Ayurvedic Herbs

मानसिक तनाव से लड़े आयुर्वेदा के संग | Fight Depression & Anxiety with Natural Ayurvedic Herbs

●क्या आप चिता में हैं?

●क्या आप बहुत चिंतित हैं?

●क्या हमेशा चिन्ता में रहते हो?

●क्या डिप्रेशन से पीड़ित हैं?

अमृतम के इस लेख में पाएं
चिन्ता से बचने के उपाय

क्योंकि बड़े-बुजुर्ग कहते हैं-

चिन्ता,चिता जलाए,चतुराई घटाए
तो फिर,
एक विशेष दुर्लभ जानकारी आपकी

चिन्ता,अवसाद (डिप्रेशन) के बारे में। Read more

शरीर में विटामिन्स, कैल्शियम , आवश्यक तत्वों तथा प्रोटीन की पूर्ति हेतु सप्पलीमेंट के रूप में। ताउम्र अमृतम द्वारा निर्मित "नारी सौंदर्य माल्ट" का सेवन करें । यह शरीर को सुंदर व खूबसूरत। बनाये रखता है । अधेड़ उम्र की महिलाओं में। गजब का सौंदर्य बढ़ाता है । मासिकधर्म नियमित करता है । जिन महिलाओं को माहवारी बहुत कम तथा समय पर नहीं आती, कम उम्र में माहवारी का रुकना मोनोपोज़ उनके लिए यह बहुत

महिलाओं और स्त्रियों के लिए- नारी सौन्दर्य माल्ट | Nari Sondarya Malt & Oil

महिलाओं और स्त्रियों के लिए- नारी सौन्दर्य माल्ट | Nari Sondarya Malt & Oil

“स्त्री रोगों का काम खत्म”
•~~~~~~~~~~~•

केवल नवयुवतियों, नवयौवनाओं,

महिलाओं और स्त्रियों के लिए

प्रदररोग,सभी स्त्री रोग नाशक
अदभुत आयुर्वेदिक ओषधि
         !!अमृतम!!

नारी सौन्दर्य माल्ट

“महीने की चिन्ता-मन से मिटाये”

पच्चीस औषध का परचम-

इसमें आँवला, सेव,हरड़
मुरब्बा,गुलकन्द,अशोक छाल,
दशमूल,लोध्र,त्रिफला,त्रिकटु,
त्रिसुगन्ध,पीपल सौंठ,लौंग,
मुलेठी,अंजीर,मुनक्का,
शतावर,गिलोय, बादाम,
प्रदरांतक लौह आदि 25 से
अधिक मुरब्बे,मेवा-मसाले
एवं हर्बल ओषधियों की

तासीर रची-बसी है। Read more

Kuntal care Malt Tea

हेयर फाल के लिए आयुर्वेदिक उपायें | Ayurvedic Remedy for Hairfall

हेयर फाल के लिए आयुर्वेदिक उपायें | Ayurvedic Remedy for Hairfall

एक कोशिश बालों को आराम देने की।

14 तरह के केशदोष नाशक
कीटाणु मारक 4 हर्बल औषधियाँ
 
!!बालों की जान बालों की शान !!
क्या लगातार आपके बाल डैमेज हो रहे हैं?
क्या बाल रूखे,कमजोर होकर झड़ने लगे हैं?
कहीं आपके बालों में रूसी (डेन्ड्रफ)
रोग ने तो नहीं घेर रखा?

क्या आपके बाल बढ़ ही नहीं रहे हैं। Read more

बी.फेराल माल्ट | B. Feral Malt

बी.फेराल माल्ट | B. Feral Malt

शुक्राणु, काम शक्ति वर्द्धक

एवं वीर्य स्तंभन हेतु एक

अद्भुत अमृतम योग

श्री काशी संस्कृत “ग्रंथमाला”
161 के “वनोषधि-चंद्रोदय”
भाग-2
(AN ENCYCLOPAEDIA OF

INDIAN BOTANIES & HERBS) Read more

Orthokey Thyroid

क्यों होता है थायरॉइड | What is Thyroid?

क्यों होता है थायरॉइड | What is Thyroid?

थायरॉइड की सर्वोत्तम दवा

आयुर्वेद में थाइराइड को
ग्रंथिशोथ कहा गया है।

क्यों होता है थायरॉइड (Thyroid)

पाचन तन्त्र व पेट की खराबी से
उदर की नाड़ियाँ कड़क हो जाती हैं।
जिससे मेटाबोलिज्म अव्यवस्थित
होकर पाचन प्रणाली को दूषित
कर देता है।

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एक दवा से 100 रोग सफ़ा  एक असरकारक अमृत युक्तओषधि हर रोग को हटाने वाली हरड़ हरड़ (हरीतकी) के मुरब्बे से निर्मित  अमृतम गोल्ड माल्ट रोज-रोज होने वाले रोग और  मन के मलिन विकार मिटाकर तन की तासीर  को तेजी से  तंदरुस्त बनाने में सहायक है  ।  अमृतम गोल्ड माल्ट  में अंदरूनी रूप से आकार ले रहा, कोई  भी  अनहोनी करने वाला रोग-विकार  मिटाने की क्षमता है ।  शरीर को दे अपार ऊर्जा- अमृतम गोल्ड माल्ट  यह एक शक्तिदाता हर्बल ओषधि है । इसे नियमित 2 से 3 तक  लिया जावे, तो तन-मन प्रसन्न रहता है । 1. जीवनीय शक्ति से लबालब हो जाता है । 2. ऊर्जा-उमंग, उत्साह की वृद्धि होती  है। 3. बार-बार होने वाले रोगों को  आने से रोकता है । 4. सभी विकार-हाहाकार कर तन  से निकल जाते हैं 5. कभी भी कोई रोग नहीं सताता। 6. शरीर की टूटन, जकड़न-अकड़न  मिटाता है । 7. त्रिदोष नाशक होने से वात-पित्त-कफ को समकर शरीर रोगरहित करता है । 8. बीमारी के पश्चात की कमजोरी दूर  करने में सहायक है । 9. अमृतम गोल्ड माल्ट का सेवन मौसमी (सीजन) बदलते समय होने वाले रोगों  से रक्षा करता है  । 10. मेदरोग, मोटापा को नियंत्रित करने  में सहायक है । 11. दिमाग में अंदर से आवाज सुनाई देना,  12. चिड़चिड़ापन, बात-बात पर क्रोध आना एवम गुस्सा होना।  13. हमेशा कब्ज रहना, पूरी तरह एक बार में पेट साफ न होना आदि उदर रोग ठीक कर पखाना समय पर लाता है । इसके सेवन से तन-मन प्रसन्न तथा शक्ति, स्फूर्ति आती है,   काम में मन लगने लगता है  । 14. थकावट, आलस्य, बहुत ज्यादा  नींद आना, हांफना जैसे सामान्य रोग मिटाता है । 15. सेक्स की इच्छा बढ़ाता है । 16. महिलाओं का मासिक धर्म समय पर लाकर, श्वेत प्रदर, सफेद पानी एवम व्हाइट डिस्चार्ज आदि विकारों को दूरकर सुंदरता दायक है । 17. दुबले-पतले शरीर वालों को ताकतवर है । 18. भूख व खून बढ़ाता है । 19. बच्चों की लंबाई, एवम बल-बुद्धि वृद्धि दायक है । 20. लंबे समय से बीमार या बार-बार रोगों से पीड़ित रोगियों में जीवनीय शक्ति वृद्धिकारक है । 21. किसी अज्ञात रोगों के कारण बालों का झड़ना, रूसी (डेंड्रफ), खुजली, रूखापन मिटाने में सहायक है । 22. आँतो की खराबी, रूखापन, चिकनाहट दूर करे । 23.  यकृत (लिवर) एवम गुर्दों की रक्षा करता है । 24. कमजोर शरीर व हड्डियों को ताकत देकर मजबूत बनाता है । 25. पेट की कड़क नाडियों को मुलायम बनाकर उदर के सभी रोगों  का नाश करता है । अमृतम गोल्ड माल्ट असरकारक ओषधि के साथ-साथ  एक ऐसा अदभुत हर्बल सप्लीमेंट है, जो रोगों के रास्ते रोककर सभी नाड़ी-तंतुओं को क्रियाशील कर देता है । जैसा वेदों ने सुझाया,अमृतम ने बनाया-- भारतीय वेद का एक भाग आयुर्वेद को  समर्पित है, इसमें आयु के रहस्मयी भेद होने के कारण इसे आयुर्वेद कहते हैं । अमृतम आयुर्वेद  का मन्त्र है कि- ॐ असतो मा सदगमय तमसो मा ज्योतिर्गमय मृत्योर्मा 'अमृतम' गमय  ॐ शाँति:शान्ति:शान्ति ।। अर्थात - हे ईश्वर, हमें अंधकार से  प्रकाश की ओर ,  और मृत्यु से अमृत की ओर ले चलो । हम सदा स्वस्थ्य, प्रसन्न व रोगरहित रहते, जीते हुए 120 वर्ष की पूर्णायु व्यतीत कर सकें । सब संभव है- रुद्री में यह मन्त्र बार-बार आता है-       ।।"शिवः संकल्पमस्तु"।। हम संकल्प करले कि, स्वस्थ रहने के लिये केवल प्राकृतिक चिकित्सा ही लेना है । अमृतम आयुर्वेद ओषधियों का ही सेवन  करना है   । दृढ़ संकल्प के सहारे हम सदा स्वस्थ व मस्त रह सकते हैं । पृथ्वी ने हमें बहुत कुछ दिया है । सम्पूर्ण जीव-जगत को  स्वस्थ-तंदरुस्त बनाये रखने एवम प्रसन्नता हेतु प्रकृति ने  अमृतम ओषधियाँ जड़ी-बूटियाँ,  मेवा-मसाले, अनाज, अन्न,  पके फल आदि प्रभावकारी  फूल-पत्ती प्रदत्त की ।  धरती माँ का यह परोपकार  प्रणाम करने योग्य है ।  अमृतम जड़ी-बूटियों के बिना  हम रोगों से पीछा नहीं छुड़ा सकते । लाइलाज, असाध्य व्याधियों को केवल आयुर्वेद दवाओं से ही ठीक किया जा  सकता है । यदि कम उम्र या बचपन से ही  इसका उपयोग करें, तो  पचपन में भी जवान बने रहोगे  एवम  ताउम्र कभी रोग होंगे नहीं । क्या करें- वर्तमान समय में प्रकृति द्वारा प्रदान  की गई जड़ी-बूटियों आदि की जानकारी  बहुत ही कम लोगों को है ।   बाजार में महंगी मिलती हैं । विश्वास भी नहीं हो पाता,  फिर साफ करने, कूटने, उबालने  तथा काढ़ा आदि चूर्ण बनाने का झंझट अलग । इन सबके लिए समय चाहिये ।  फिर परिणाम मिले या नहीं ।क्या भरोसा ।  इसलिये ही इन सब  परेशानियों से बचाने हेतु  करीब  40 से 45  मुरब्बे, मसाले,  जड़ी-बूटियों के योग (मिश्रण)  से एक ऐसा असरकारक योग  निर्मित किया, जो 100 से अधिक साध्य-असाध्य, अज्ञात रोगों को जड़ से दूर करने में सहायक है ।  शरीर का पोषण करने में यह चमत्कारी है । सभी विटामिन्स, केल्शियम सहित  आवश्यक पोषक तत्वों की  पूर्ति कर शरीर को  पूरी तरह हष्ट-पुष्ट  बनाता  है ।  एक योग-अनेक रोग नाशक - अमृतम गोल्ड माल्ट  का उपयोग कई तरीके से किया जा सकता है।  उपभोग कैसे करें- 1- सुबह नाश्ते (ब्रेक फ़ास्ट)  के समय   ब्राउन ब्रेड के साथ चाय से 2- दिन में पराठा, रोटी में लगाकर पानी या दूध के साथ रोल बनाकर जीवन भर लिया जा सकता है । 3-  जिनको  हमेेशा सर्दी,  खाँसी, जुकाम रहता हो, प्रदूषण या प्रदूषित खानपान के कारण बार-बार होने वाली एलर्जी, निमोनिया, नाक से लगातार पानी बहना, गले की खराश, सर्दी या अन्य कारण से  कण्ठ, गले या छाती में दर्द  रहता हो, तो 2 चम्मच  'अमृतम गोल्ड माल्ट'  एक कप गर्म पानी में अच्छी तरह मिलाकर 'ग्रीन टी' की तरह एक माह तक सुबह खाली पेट तथा दिन में  2 से 3 बार लेवें ।  उपरोक्त सभी जानी-अनजानी बीमारियों  को धीरे-धीरे दूर करने के लिए 2  माह तक  अमृतम गोल्ड माल्ट लेवें।  और भी अन्य  बीमारियों में इसका सेवन कैसे करना है । इसकी संक्षिप्त जानकारी नीचे दी जा रही है ।  सेवन विधि - बच्चों को सदैव निरोगी बनाये रखने के लिए  3 से  7 साल के बच्चों या बच्चियों को आधा-आधा चम्मच सुबह-शाम  दूध में मिलाकर या ब्रेड-रोटी में  लगाकर गुनगुने दूध से देवें  ।  7  साल से 15 साल तक के बच्चों  को 1-1 चम्मच सुबह-शाम  गुनगुने  दूध से ।  15 वर्ष से 25 वर्ष तक वालों को 2-2  चम्मच 2 बार गुनगुने दूध से । युवाओं के लिये-  25  वर्ष से अधिक आयु वाले  स्त्री  या पुरुष दोनों 2-2 चम्मच  सुबह- शाम  एवम रात में सोते समय गर्म दूध से  दिन में  3 बार तक ले सकते हैं  ।  सेक्स की संतुष्टि  के लिए 3 माह तक 2-2 चम्मच  3 बार सुबह खाली पेट, दुपहर में एवम रात में सोते समय गर्म दूध से । साथ में बी. फेराल कैप्सूल लेवें ।   मोटापा मिटाये-   एक कप  लगभग 200 मिलीलीटर गर्म पानी में  दो चम्मच  अमृतम गोल्ड  माल्ट  मिलाकर लगातार 5 सेे 6 माह तक  लेवें ।  यह भूख बढ़ाने वाली क्षतिग्रस्त ग्रंथियों की मरम्मत कर ऊर्जा में वृद्धि करता है । अनावश्यक  भूख  या चर्बी बढ़ने से रोकता है । इसके सेवन से कमजोरी,  चक्कर आना, बेडोल शरीर ठीक हो जाता है । हेल्थ बनाने में सहायक- जिनका शरीर बहुत ही दुबला-पतला, कमजोर  हो, हेल्थ नहीं बनती उन्हें  अमृतम गोल्ड माल्ट  परांठे में लगाकर खाये । साथ ही साथ गर्म दूध पीना चाहिये । 3 या 4 माह के नियमित सेवन से 7 से 8 किलो वजन बढ़ जाता है ।  एनर्जी व फुर्ती के लिये -  अमृतम गोल्ड माल्ट 2 या 3 चम्मच 200 से 300 ML दूध में मिलाकर ठंडाई  बनाकर 3-4 बार पियें, तो शरीर शक्ति-स्फूर्तिदायक हो जाता है ।  जिनका काम में मन नहीं लगता  । उनके लिये भी बहुत लाभकारी उपाय है । हर प्रकार की एनर्जी-फुर्ती के लिए यह अचूक फार्मूला है । मात्र 7 दिन के सेवन से  तुरन्त राहत महसूस  होने लगती है  । परहेज एवम सावधानी- आयुर्वेद की भाषा में परहेज को  "पथ्य-अपथ्य" कहा गया है  ।  @ रात में दही या दही से बने पदार्थ   का सेवन न करें  ।  @ रात में फल, जूस न लेवें । @ ज्यादा तला भोजन, @  अरहर(तुअर) की दाल  सुबह उठते ही 3 या 4 गिलास करीब 1  लीटर सदा जल ग्रहण करें  ।  अमृतम गोल्ड माल्ट  पूर्णतः हानिरहित हर्बल  उत्पाद है । रोगनाशक ओषधि के रूप में  यह एक अद्भुत हर्बल  सप्लीमेंट है । यह उदर की अदृश्य व्याधियों को मिटाकर पेट साफ कर,  समय पर दस्त लाता है  । आयुर्वेद के अनुसार  दुरुस्त पेट सुस्त शरीर को ऊर्जा से भर देता है । स्वस्थ जीवन का यही सूत्र है । रोग का संयोग - रंज-राग के रंग में रमा तथा भोग- रोग  से घिरा व्यक्ति, संसार का कोई भी भोग,-भोग नहीं  पाता । हर भोग के लिये स्वस्थ व सुन्दर शरीर आवश्यक है । कभी-कभी,  तो योग्य लोग (चिकित्सा क्षेत्र के जानकार)  या योग भी, रोग नहीं मिटा पाते ।   संसार  में जीने के लिये  रोग-रहित जीवन,  भोग और सम-भोग  जरूरी है । हमारी लापरवाही और लगातार बार-बार होने वाली बीमारियों के कारण कोई  होशियारी काम नहीं आती।  लोगों को होने वाले रोगों के नाम- पुरुष हो या नारी, बीमारी से  कोई नही बच सकता । जीवन छोटे-छोटे रोगों से प्रारंभ होकर  अंत में  मन अशान्त हो, आखिर में  तन शांत हो जाता है ।  जब सब कुछ खाक हुआ, तो  केवल राख बचती है । रोगों का रायता जब फैलता है, तो 1. आलस्य, 2. बेचैनी,  3. घबराहट, 4. भय-भ्रम,  5. चिन्ता 6. कमजोरी  7. रक्तचाप कम या ज्यादा,  8. कपकपाहट, 9. कम्पन्न,  10. धड़कन बढ़ना, 11. दुर्बलता, 12. हेल्थ नहीं बनना,  13. सिर, सीना व तलवों में जलन, 14. आँखों के सामने अंधेरा छाना, 15. अवसाद, 16. हीन भावना आना,  17. हकलाना, 18. आत्मविश्वास की कमी,  19. बोलने में हिचकिचाहट होना,  20.सुंदरता, 21. खूबसूरती घटते जाना,  22. झुर्रियां, दाग,  23. शरीर का शिथिल होना  और इन सबके कारण  24. ह्रदय रोग,  25.मधुमेह-प्रमेह आदि विकार  प्राकृतिक नियम विरुद्ध  जीवन-शैली के कारण होते हैं ।  रोग कभी 2 या 4 दिन में नही पनपते ।   इनके प्रति बेरूखी ठीक नहीं रहती ।  अन्यथा फिर  कहना पड़ेगा कि-  "बेरुखी में सनम, हो गए हम खत्म"  रोगों का कारण; हमारा उदर महासागर है । इसमें असंख्य रहस्य भरे पड़े हैं । इससे हरेक का  बहुत वास्ता है रोगों का रास्ता  यहीं से खुलता है ।   पेट की पीड़ा से परेशानी का प्रारंभ होता है  ।  ज्यादा अटपटा खाने या समय पर न खाने  से पेट रोगों  का पिटारा बन जाता है । पेट को भोजन लेट मिला, या अधिक मिला कि खिला चेहरा मुरझा जाता है  । इसीलिए ही कहते थे- "कम खाओ-गम खाओ" कुछ का कहना ये भी है कि - "पहले पेट पूजा"-  फिर काम दूजा" पेट पूजा के साथ-साथ योगा, ध्यान, प्रार्थना व पूजा करना भी लाभदायक होता है -  हम "पापी पेट" लिए ही इतनी भागदौड़   कर रहे हैं  । अमृतम आयुर्वेद का नियम  है -      समय पर खाना जरूरी है,   कि,  तुरन्त पच जाए।   खाना पचा कि तन-मन   रचा-रचा खूबसूरत और  शरीर हल्का हो जाता है ।  पर   बीमारी पुरानी औऱ लाइलाज हुई,  कि  पल का भी भरोसा नहीं रहता ।    यूनानी कहावत है-  विकारों से तन तबाह,  विचारों से मन ।  रोग से सिर्फ जाता हैं,  मिलता कुछ नहीं ।   दुनिया में कुछ लोग,  समय पर रोग के रहस्य को  न पकड़  पाने के कारण कम  उम्र में ही चल बसते हैं ।   फिर....  "किशोर कुमार"का यह गीत याद आता है-      मैं शायर बदनाम,      मैं चला, मैं चला ।      संसार चला-चली का मेला है,  जिनका उदर  (पेट)   मैला (मल), कब्ज-रोगरहित है  । वही   पूर्ण-प्रसन्न जीवन जी पाते हैं   !!   क्यों होती है बार - बार बीमारी::--    1-  पेट का बहुत लंबे समय तक या  बार-बार खराब रहना,  रोगों के रमने का कारण है । 2. लगातार कब्ज बने रहना ।  3. उदर  कब्ज के कब्जे में रहना ।  4.  एक बार में पेट साफ नहीं होना । 5.  भोजन न पचना ।  6. भूख न लगना  7. अम्लपित्त (एसिडिटी) 8. गैस का न निकलना (वायु-विकार) 9. मानसिक व्यग्रता 10. बार-बार ज्वर , मलेरिया । 11. जीवनीय शक्ति में कमी । आदि के कारण रोग जड़ें जमाना शुरू कर देते हैं । धीरे-धीरे इसका असर हमारे  लिवर (यकृत) तथा गुर्दे (किडनी)  पर होने लगता है  ।  बदहजमी, अम्लपित्त (एसिडिटी),  उबकाई सी आना,  गैस बनने की शिकायत शुरू हो जाती है  । इसके बाद ही  "तन का तना"  कमजोर होने लगता है ।  आंते भोजन पचाना कम कर देती हैं  ।  पेट में सूक्ष्म कृमि (कीड़े)  उत्पन्न होने लगते हैं ।  इस कारण तेजी से त्वचारोग तन  पर पकड़ बनाकर सारी शक्ति-ऊर्जा  क्षीण कर नाडियों में सही तरीके से  रक्त का संचार न होकर  अवरुद्ध हो जाता है ।  फिर...और.. फिर ..: डर-डर कर, दर-दर,  डॉक्टर के दर पर  भटकते -भटकते  सब कुछ बर्बाद कर बैठते हैं ।  कोरे कागज की तरह जीवन  व्यर्थ में ही व्यतीत हो जाता है  ।  और .. अंत में  यही गुनगुनाते 'जाने चले जाते हैं कहाँ, कि-  मेरा जीवन कोरा कागज, कोरा ही रह गया । क्यों असरकारक है- अमृतम गोल्ड माल्ट  में विशेष रूप से हरड़ का मुरब्बा मिलाया गया है ।  तन के हरेक रोग हरने, हटाने के कारण  इसे हरड़  या हरीतकी कहते हैं । हरड़ के विषय पर हम पिछले कई लेख (ब्लॉग) दे चुके हैं ।  अमृतम हरड़ (हरीतकी) मुरब्बा के बारे में भावप्रकाश नामक  ग्रंथ में श्लोक है कि- हरति/मलानइतिहरितकी । अर्थात-हरड़ -पेट की गंदगी और रोगों  का  हरण करती है  । हरस्य भवने जाता  हरिता च स्वभावत:।  ‎हरते सर्वरोगानश्च  ततः प्रोक्ता हरीतकी ।।म.नि.  हरड़ (हरीतकी) के अन्य नाम-  ‎हर,हर्रे,हरीतकी,अमृतम,अमृत, हरड़, बालहरितकी, हरीतकी गाछ, नर्रा,  हरड़े, हिमज,आदि कई नामों से जाने  वाली हरड़  रत्न रूपी तन का पतन  रोककर,  बिना जतन  के ठीक  करने  की क्षमता रखती है । महर्षि चरक की चरक संहिता के अनुसार अमृतम हरड़  के  बारे में बताया कि -  "विजयासर्वरोगेषुहरीतकी"   अर्थात  हरीतकी  (हरड़)  मुरब्बा एक   अमृतम ओषधि है,    जो सभी रोगों पर विजयी है  ।      हरड़- हारे का सहारा है  ।  । अमृतम गोल्ड माल्ट  शिथिल  व कमजोर नाडियों को हर्बल्स सप्लीमेंट, ऊर्जा का प्राकृतिक स्त्रोत होने से शरीर को हर-बल दायक है । इसे सेव मुरब्बा, आँवला मुरब्बा, हरड़ मुरब्बा और गुलकन्द के मिश्रण से तैयार किया है ।  आयुर्वेद की अति  प्राचीन अवलेहम पध्दति से निर्मित किया जाता है ।  इस कारण यह बहुत ही असरकारक, आयुवर्द्धक, शक्तिवर्द्धक, ओषधि है । आयुर्वेद का अमृत अमृतम गोल्ड माल्ट रोग मिटाये-स्वस्थ्य बनाये- * पोष्टिक, स्वादिष्ट, पाचक * शरीर को ऊर्जावान बनाये  * थकान आलस्य मिटाये * रक्त, भूख वृद्धि में सहायक * चर्बी व मोटापा घटाने में सहायक * बेचेनी से बचाये अमृतम रहस्य जानने हेतु लॉगिन करें amrutam.co.in औऱ हाँ... लाइक, शेयर करना न भूलें स्वस्थ जीवन का आधार-अमृतम

एक असरकारक अमृत युक्तओषधि: अमृतम गोल्ड माल्ट

एक दवा से 100 रोग सफ़ा एक असरकारक अमृत युक्तओषधि हर रोग को हटाने वाली हरड़ हरड़ (हरीतकी) के मुरब्बे से निर्मित अमृतम गोल्ड माल्ट रोज-रोज होने वाले रोग और  मन के मलिन विकार मिटाकर तन की तासीर  को तेजी से तंदरुस्त बनाने में सहायक है  । अमृतम गोल्ड माल्ट  में अंदरूनी रूप से आकार ले रहा, कोई  भी  अनहोनी करने वाला रोग-विकार मिटाने की क्षमता है […]

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NARI SONDARYA MALT- COMPLETE CARE FOR WOMEN’S HEALTH AND BEAUTY

सोमरोग एक खतरनाक स्त्री रोग

महिलाओं के शरीर को जर्जर करने वाला- 
सोम रोग
क्या है सोम रोग- “अमृतम मासिक पत्रिका” के अनुसार स्त्री की योनि से जब निर्मल, शीतल, गंधरहित, साफ, सफेद और पीड़ारहित सफेद पानी लगातार बहुत ज्यादा बहता रहता है, तब महिला  सफेद पानी के वेग को रोक नहीं पाती इसे
अमृतम आयुर्वेद में सोमरोग कहा गया है ।
शरीर में विटामिन्स, कैल्शियम , आवश्यक तत्वों तथा प्रोटीन की पूर्ति हेतु सप्पलीमेंट के रूप में। ताउम्र अमृतम द्वारा निर्मित "नारी सौंदर्य माल्ट" का सेवन करें । यह शरीर को सुंदर व खूबसूरत। बनाये रखता है । अधेड़ उम्र की महिलाओं में। गजब का सौंदर्य बढ़ाता है । मासिकधर्म नियमित करता है । जिन महिलाओं को माहवारी बहुत कम तथा समय पर नहीं आती, कम उम्र में माहवारी का रुकना मोनोपोज़ उनके लिए यह बहुत

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20 प्रकार की योनि के लक्षण

महिलाओं को सफेद पानी की परेशानी को ही अमृतम आयुर्वेद में प्रदररोग कहते हैं ।
अंग्रेजी में  इसे Leuccorrhea लिकोरिया तथा white  discharge व्हाइट डिस्चार्ज भी  कहा जाता है ।
प्रदररोग गर्भाशय का विकार है । इस रोग से पीड़ित महिला को गर्भवती होने में रुकावट होती है ।
सोमरोग शरीर के धातु संबंधी निर्बलता का रोग है ।

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The Ayurvedic Cure for Leucorrhea

अमृतम केपिछले लेख (blog) में 4 प्रकार के प्रदर रोग के बारे में बताया गया । श्वेतप्रदर (shwet pradar) Leucorrhea के रोग को जड़ से मिटा देगा – “नारी सौन्दर्य माल्ट” संसार मे शायद ही कोई स्त्री हो, जो प्रदररोग से पीड़ित न हो । महिलाएं इस रोग को मामूली समझती हैं, इसलिए लाज शर्म […]

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How to apply hair oil according to Ayurveda?

Ayurvedic ways of applying Hair Oil

Did you read our article about how to wash your hair? 

In this article, we will guide you through the process of applying hair oil and its ancient Ayurvedic benefits.

A simple task like applying hair oil can involve a lot of intricacies. According to Ayurvedic texts, applying oil to your scalp and hair helps in strengthening your hair and improving their quality.

In Sanskrit, the process of applying oil to one’s hair and scalp is known as Murdha Taila. Murdha Taila (applying oil to your hair) helps them grow thicker, shinier and softer. It also helps in stimulating the sense organs and reducing facial wrinkles. Read more

अमृतम हरड़ पार्ट- 3

हरड़ में 5 प्रकार के रस होते हैं

मज्जा में मधुर रस (मीठा), इसकी नाड़ियों में

खट्टा रस, ठूंठ (वृन्त) में कड़वा रस,  छाल में

कटु रस और गुठली में कसैला रस होता है ।

हरड़ में पाँच तरह के रस होने से तन को पतन सेबचाती है । यह अमृतम ओषधि है ।

हरड़ की पहचान

जो हरड़  नई,चिकनी,घनी,

गोल, तथा भारी हो और जल में डालने

पर डूब. जाए वह हरड़ उत्तम व

गुणकारक होती है  । Read more

Orthokey Gold Malt for HeaOrthokey Gold Malt for Healthy Joints Ayurvedic Medicinelthy Joints

ऑर्थोकी गोल्ड कैप्सूल एवम माल्ट

अस्थि या हड्डियों के क्षय क्षीण तथा कमजोर होने पर तन निम्न व्याधियों से घिर जाता है ।

जैसे-मन उदास रहना । किसी से ज्यादा बोलचाल की इच्छा नहीं रहती । कोई न कोई शंका, डर भय बना रहता है । किसी भी काम में मन नहीं लगता,वीर्य पतला ओर कम होकर सेक्स के प्रति अरुचि हो जाती है । शरीर दुबला व कमजोर होने लगता है । शरीर का संज्ञान नहीं रहता,स्वतः ही मल-मूत्र निकल जाता है ।

शरीर काँपता है , वमन (उल्टी) जैसा मन

रहता है । Read more

Lozenge Malt

Lozenge Malt-Remedy for Respiratory Complaints

Lozenge Malt is an ancient ayurvedic medicine for respiratory complaints. The key ingredients of Lozenge Malt are Tulsi, Vasa, Mulethi, Pushkarmool and Tribhuvan kritri ras. The benefits of Lozenge Malt are: -Useful in a chronic cough, cold, sinusitis, asthma -Useful in allergic bronchitis, upper and lower respiratory diseases, whooping cough and allergic rhinitis -Tulsi leaves […]

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Do you know that excess of uric acid can cause joint pain? Orthokey Gold Capsules- An Ayurvedic Remedy for your Joint Pain

Accumulation of excess of uric acid in our joints, especially in ankle joint can cause severe pain. High levels of uric acid can lead to various chronic diseases related to heart, it can also cause kidney stone and kidney failure. It  can result in high blood pressure.

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What is Uric Acid?

The purines a chemical compound found in our food, breaks down and gets dissolved and creates uric acid. It is basically, produced as a byproduct of protein digestion through our food and gets excreted by the kidneys through urine. Read more

Hepatitis and its Ayurvedic treatment | Keyliv Malt- A magic malt for your liver

What is Hepatitis?

Hepatitis is condition when the liver gets swollen and painful due to inflammation. The most common cause of Hepatitis is a viral infection. There are other reasons as well which can cause a chronic condition of the liver, like- medication, drugs, toxins and alcohol. Read more

PCOD: Polycystic Ovarian Disease and How to treat it ayurvedically?

Nari Sondarya Malt Amrutam

What is Polycystic Ovarian Disease?

Polycystic Ovarian Disease is also known as Polycystic Ovarian Syndrome (PCOS) or the Stein-Leventhal syndrome.

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Women who have been diagnosed with polycystic ovarian disease have multiple small cysts in their ovaries. Cysts are structures in the form of sacs or capsules filled with liquid, semi-liquid or gas like material. These cysts occur in women especially when there is an imbalance in the menstrual cycle, the regular flow of the menstrual cycle is disrupted. Read more

शरीर को दे अपार ऊर्जा अमृतम गोल्ड माल्ट | Amrutam gold malt for energy

*अमृतम गोल्ड माल्ट*

शरीर को शीघ्र शक्ति प्रदान
करता है ।एथेलीट, खिलाड़ी,
पर्वतारोही, गोताखोर,
फैक्टरियों के श्रमिकों, Read more

वात को मारें लात,जब अमृतम हो साथ | Dealing with Vata Dosha with Amrutam- Part 3

vatta dosha amrutam

*(८) कोष्टगत वातवायु*

कोष्टाश्रित वायु के कुपित होने से विष्ठा (मल्ल) मूत्र का अवरोध होता है ।
,अर्थात ये सब रुकते हैं । इस कारण वायुगोला,ह्रदय-रोग,बद, बवासीर और
पसलियों में दर्द आदि सब लक्षण
दृष्टिगोचर होते हैं । Read more

अमृतम- वात-विकारों का काम खत्म | How to deal with diseases associated with Vata Dosha | Learn with Amrutam- Part 2

पिछले ब्लॉग में 5 प्रकार के वात के बारे में बताया । आगे अन्य और वातरोगों की चर्चा करेंगे

Vatta dosha amrutam*मज्जागत वात वायु*

वायु दूषित होकर
बाहर नहीं निकल पाती, तब यह मज्जा में
स्थित होकर प्राणी पीड़ा से परेशान हो जाता है । Read more

वातविकार कितने प्रकार के होते है

वातविकार कितने प्रकार के होते है | Learn about vata dosha imbalances with Amrutam

वातविकार कितने प्रकार के होते हैवातविकार कितने प्रकार के होते है

और उनके
*‎लक्षण के बारे में पिछले ब्लॉग (लेख) से*
आगे पढ़िए ।

अमृतम आयुर्वेद के अनुसार दवाइयों की संख्या,
मात्रा कम से कम व सेवन विधि ज्यादा अधिक
समय तक करने से शरीर में जीवनीय शक्ति
क्षीण नहीं होती । Read more

वात को लात | How to deal with diseases associated with Vatta Dosha | Learn with Amrutam

*वातविकार-, कैसे होता है तैयार*

रूखे, ठंडे, कड़वे पदार्थो का लगातार सेवन तथा
ज्यादा उपवास, क्रोध,शोक,दुःख,चिंता, तनाव,
अनिद्रा, चिड़चिड़ाना,अत्यधिक परिश्रम,
भूख न लगना, पेट की खराबी ओर पुरानी कब्जियत के कारण वात रोग हालत
खराब कर देते हैं । Read more

Amrutam Gold Malt | शरीर को दे अपार ऊर्जा | अमृतम गोल्ड माल्ट

शरीर को दे अपार ऊर्जा
अमृतम गोल्ड माल्ट

शरीर को शीघ्र शक्ति प्रदान
करता है ।एथेलीट, खिलाड़ी,
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5 Amrutam Ways to Deal with Dark Eye Circles

Life corrodes us and our bodies, as we grow old and the childlike divinity that we carry within ourselves, begin to rust with time and the same happens with our body as well.

Rejuvenate your body, mind and spirit with Amrutam`s Self- Care Basket. Don`t let time rust you.

Work, adulthood and the lost innocence can take a toll on our overall health and it is very important for you, to realize to take care of yourself. Each and every day, you should promise yourself to take care of yourself. Read more

गुड़ -एक अमृतम औषधी | Jaggery – an Amrutam medicine

गुड़ एक अमृतम औषधी Jaggery An Amrutam medicineगुड़ एक अमृतम् औषधि है। गुड़ गुणों की खान है। यह उदर के गुड़  रहस्यों-रोगो का नाशक  है। आयुर्वेद ग्रन्थ वनस्पति कोष, आयुर्वेदिक चिकित्सा, सुश्रुत संहिता, भावप्रकाष, आयुर्वेद निघण्ठ़ आदि में गुड़ की विषेशताओं का विस्तार से वर्णन है। Read more

What Wikipedia Can’t Tell You About Constipation

What Wikipedia Can’t Tell You About Constipation Stomach Ache is a feeling of pain in the abdomen. It can be in form of cramps or a dull ache. The abdomen is the scientific name for the tummy region of our body, the area below the chest. Generally, the abdominal pain is not very significant and fades away soon.

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All of us would have experienced some sort of stomach pain, a pain in our abdomen. The cause of a stomach pain can be multiple and their origin can be coming from any of our organs in the abdomen. Read more

Are you having trouble sleeping? Learn six reasons with Amrutam which make it difficult for you to fall asleep

Amrutam-Sleep TroubleIt is past 10 PM and yet it is difficult for you to shut your eyes and sleep with sweet dreams. Sleep troubles are common amongst majority of us, because of our mismanaged schedules. Read more

Orthokey Gold Malt

Here is a Secret Amrutam Trick for Joint Pain: Orthokey Gold

It is not uncommon to experience joint pain during winter. Be it your knees or your shoulders, wherever the pain is, it is a cause for concern.

The points where our bones in our body meet are called joints. It is these joints which allow the movement of our skeleton.  The joints in our body include the knee joint, shoulder joint, hips joint and elbow joint.

The pain in our joints is referred to discomfort, aches, and soreness of any our body`s joint. Joint pain can be pain arising from any part of a joint. The pain, discomfort or inflammation arising from parts of the joint including- cartilage, bone, ligaments, tendons or muscles is referred as Joint Pain. Read more

What is Menopause? Learn With Amrutam

Menopause is a point in time when a woman has had her last period. Menopause is also defined as an absence of menstrual periods for twelve months. A menstrual period is when the lining of Uterus is shed through the Vagina and the egg is not fertilized. Read more

Amrutam Herbal Ubtan – Traditional Formula in Indian Households

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Amrutam Herbal Ubtan

Amrutam Herbal Ubtan is an ancient formula used in Indian Households. Ubtan has been used from time-immemorial to beautify one`s skin and complexion.
Apart from its magical benefits on the physical front, it also helps in curing Acne, freckles and makes the skin smoother.

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Is there an Ayurvedic Cure for Rheumatoid Arthritis or Amavata? Find out with Amrutam.

Rheumatoid Arthritis & Auto-Immune Diseases

Rheumatoid Arthritis is an auto-immune disease which causes chronic inflammation of joints. It is known as Amavata in Ayurveda.

Auto-Immune Diseases

Autoimmune diseases are those diseases where our body`s immune system attack the healthy cells of our body.
Our Body`s immune system is formed with a network of cells, tissues and organs which work as a team to fight external diseases, bacteria, viruses and other threats to our body.

One of the major components of our body`s immune system is the White Blood Cells.
White Blood Cells are also known are leukocytes which reach out to diseases causing organisms or substances in our body and fight them.

In case of Autoimmune diseases, our body`s immune system mistakenly attacks our own body.
The autoimmune system of our body then by mistake identify our body parts as external or foreign objects and starts fighting them by creating a protein called autoantibodies which begin attacking the healthy cells. Read more

Ayurveda being an ancient science has various ancient methods of curing a mental illness

IS THERE ANY CURE FOR MENTAL ILLNESS IN AYURVEDA MEDICINE?

Ayurveda, being an ancient science of medicine has various methods of curing a mental illness“I believe that for every illness or ailment known to man, that God has a plant out here that will heal it. We just need to keep discovering the properties for natural healing.”

― Vannoy Gentles Fite Read more

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