Category: Hindi

कपास की जड़ की छाल गर्भाशयसंकोचक एवं भाविजनन है। गर्भाशय पर इसको क्रिया अगटे ( Ergot) की तरह होती है। इससे गर्भाशय का अच्छी तरह संकोच होकर रक्तस्त्राव रुकता है। इसकी अधिक मात्रा से गर्भपात होता है। प्रसव के बाद इसकी छाल का काथ पिलाने से गर्भाशय का संकोच होता है। यह आँवल ( अपरा…


निहन्ति श्वित्रवीसन योनिसङ्कोचकारिणी। योनि मार्ग को भी संकुचित करती है-फिटकरी यानी जिन महिलाओं की योनि ज्यादा सेक्स या बच्चे होने के कारण ढ़ीली हो गई हो, वे फिटकरी का 11 दिन इस्तेमाल करें। फटकी फुल्लिका चेति द्विविधा परिकीर्तिता ॥९३॥(र.र.स.) अर्थात- १. फटकी और २. फुल्लिका दो प्रकार के भेद हैं। फिटकरी का शोधन…. वह्नौ प्रोफुल्लयेत् किं वा सम्यल्लघुपुटे पचेत्…


शिलाजीत परिचय आयुर्वेद शास्त्रमत के हिसाब से-संहिताकाल से ही शिलाजीत या शिलाजतु का अत्यन्त उपयोग रोगहरणार्थ होता आ रहा है। बी फेराल गोल्ड केप्सूल शुद्ध शिलाजीत खरल कर निर्मित किया जाता है। शिलाजीत 4 व 6 तरह का होता है….चरकसंहिता में ४ प्रकार का शिलाजीत कहा गया है— १.स्वर्णगर्भ पर्वत के स्राव से उत्पन्न शिलाजीत,…


मधुमक्खी मानवों से भी अधिक एक अत्यंत परिश्रमी कीड़ा है जिसकी एक विशाल जाति है। पाइलम आर्थपॉड अर्थात “सन्धित पाद” के अधीन जैविक रूप से वर्गीकृत ये कीड़े आज विद्यमान एक अत्यंत मनोहारी जीव हैं। अपने कार्य में गहरी अभिरूचि से ये मधुमक्खियां मनुष्य से महान हैं। शहद का उत्पादन एक प्राकृतिक व्यवस्था है। शहद…


ध्यान रखें-भगवान ने सभी मनुष्यों की आयु 120 साल निर्धारित की है और हम 40 के बाद ही फालिस के फांसले पर पहुंच जाते है।नियम-धर्म, जीवन शैली में परिवर्तन कर तथा आयुर्वेद और घरेलू उपायों द्वारा हम सदैव तन्दरुस्त रह सकते हैं। इस लेख में आयुर्वेद की खास खास दवा बताई जा रही है, जिसे अपनी…


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