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भारत के प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथ भवप्रकाश निघंटू के अनुसार अगर शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो, तो सहजना/ सहजन, सुरजना, मुनगा या ड्रमस्टिककी सब्जी बनाकर खाएं और दर्द के स्थान पर लौंग का तेल मले। पुराने ग्रंथिशोथ या थायराइड में यही इलाज करें। सहजन के पत्ते, फूल व फलियों की सब्जी विश्व की सबसे स्वास्थ्यप्रद सब्जी…


अश्वगंधा, शतावर, सफेद मूसली, शिलाजीत, कोंच के बीज, ताल मखाना, मधुयाष्टि आदि वाजीकरण जड़ी बूटियां हैं, जो जड़ से पुरुषों के सभी गुप्तरोग हमेशा के लिए खत्म कर देती हैं।  मात्र तीन माह सेवन कर, 70 में बिस्तर तर कर सकते हैं। पुरुषार्थ वर्धक इस ओषधि का नाम अश्वगंधा है। विशेष इस लेख में केवल अश्वगंधा और…


दांतों की यह बीमारी जवानी में ही बूढ़ा बना सकती है। आयुर्वेद में 22 दंतरोगों का उल्लेख है। जाने दांतों का खतरनाक रोग पायरिया के लक्षण, कारण और देशी घरेलू उपाय… दांतों में खराबी, पायरिया, पीप पड़ना, मुंह से बदबू आना, दांतों में दर्द, हिलना, मसूड़ों की सूजन, जीभ स्वादहीन होना आदि सब समस्यायों की…


आंखों की रोशनी बढ़ाने में चमत्कारी हर्बल माल्ट नेत्रों का सम्पूर्ण उपचार करेगा!- आयुर्वेदिक ग्रन्थ रस-तन्त्र सार -आयुर्वेद सार संग्रह – भावप्रकाश निघण्टु – चरक सहिंतामें वर्णित ओषधियों के उपयोग से अपनीआंखों की चिकित्सा घर बैठे कर सकते हैं। अब दूर तक देखो.… अमृतम आई की माल्ट की खास बात यह है कि इसका कोई भी दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट…


बेचारी नारी, जो कभी नहीं हारी! वैसे तो नारी कभी बीमारी के अलावा अन्य किसी से नहीं हारी। कुंवारी होने पर वह मासिक धर्म, पीसीओडी, सोमरोग आदि से पीड़ित रहती है और बाद में संतान की कामना से वह मारी मारी फिरती है। क्योंकि बांझ स्त्री को संसार गारी (गाली या आक्षेप) से कलंकित करता…


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